प्रियम शर्मा का नया फैसला

प्रियम शर्मा हमेशा से अपने लंबे, घने बालों के लिए जानी जाती थी। कॉलेज में दोस्त अक्सर कहते थे कि उसके बाल उसकी सबसे बड़ी पहचान हैं। लेकिन प्रियम के लिए असली पहचान उसके विचार और उसका साहस था।

एक दिन उसने आईने में खुद को देखा और सोचा—
“क्या मेरी पहचान सिर्फ मेरे बालों से है?”

उसी समय उसके मन में एक अलग विचार आया। शहर में कैंसर से जूझ रहे बच्चों के लिए एक जागरूकता अभियान चल रहा था। प्रियम ने तय किया कि वह भी कुछ ऐसा करेगी जिससे लोगों का ध्यान इस ओर जाए।

अगले ही हफ्ते वह एक छोटे से सैलून में गई। कुर्सी पर बैठते समय उसके दिल की धड़कन तेज थी, लेकिन चेहरे पर हल्की मुस्कान थी।

“क्या आप सच में पूरा सिर मुंडवाना चाहती हैं?” नाई ने पूछा।

प्रियम ने आत्मविश्वास से कहा,
“हाँ, क्योंकि सुंदरता सिर्फ बालों में नहीं, हिम्मत में होती है।”

मशीन चली, और धीरे-धीरे उसके सारे बाल गिरते गए। कुछ ही मिनटों में उसका सिर पूरी तरह साफ हो गया। आईने में खुद को देखकर वह चौंकी नहीं—बल्कि मुस्कुरा दी।

उसने महसूस किया कि उसने सिर्फ बाल नहीं कटवाए, बल्कि एक डर भी पीछे छोड़ दिया।

उसने उसी दिन अपनी तस्वीर ली और सोशल मीडिया पर लिखा:
“अगर मेरे इस छोटे से कदम से किसी बच्चे को हिम्मत मिलती है, तो यह सबसे बड़ी जीत है।”

उसकी कहानी बहुत लोगों तक पहुँची। कई लोगों ने उसकी हिम्मत की तारीफ की और कुछ ने खुद भी इस अभियान में हिस्सा लिया।

प्रियम शर्मा ने उस दिन समझ लिया कि
सच्ची ताकत बाहर नहीं, अंदर होती है।

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